जयपुर के दो स्कूल, 7 दिन का अल्टीमेटम
जयपुर के दो सरकारी स्कूलों का हाल देखकर CJP टीम ने जो 7 दिन की समय-सीमा दी, उसने पूरी बात को सीधा हिसाब-किताब में ला दिया। छत की दीवार, बेंच, सफाई और बुनियादी सुविधाएँ — ये सब स्कूल की रोज़ की ज़रूरत होती हैं, पर जब इनमें कमी दिखे तो बच्चों की पढ़ाई भी धीमी पड़ जाती है। टीम ने निरीक्षण के बाद साफ कहा कि काम जल्दी होना चाहिए, वरना स्थानीय लोगों के साथ सार्वजनिक आंदोलन का रास्ता खुला रहेगा। यह सिर्फ़ एक शिकायत नहीं, बल्कि स्कूल की ज़मीनी हालत पर एक सीधी निशानी है। जयपुर में स्कूल का मतलब सिर्फ़ कक्षा-कक्ष नहीं, पूरा माहौल होता है — और वही अब सुधार माँग रहा है।
