जयपुर की 2.9087 हेक्टेयर वन भूमि लौटाने का आदेश
जयपुर में वन भूमि का मामला फिर से चर्चा में आ गया है। National Green Tribunal की भोपाल सेंट्रल ज़ोन बेंच ने राजस्थान को 2.9087 हेक्टेयर वन भूमि वापस देने का निर्देश दिया है। यह क्षेत्र आकार में भले ही बड़ा न लगे, पर शहर के विकास मानचित्र में ऐसी ज़मीन का मतलब सीधे हरियाली और योजना से जुड़ता है। जयपुर में लोग पहले ही देख चुके हैं कि एक-एक टुकड़ा किस तरह हवा, छाया और जगह का फर्क लाता है। इसलिए ऐसा निर्देश सिर्फ़ फ़ाइल का मामला नहीं लगता, बल्कि शहर की साँस से जुड़ा सवाल बन जाता है। एक स्थानीय बात समझो — जब वन भूमि का हिसाब साफ़ होता है, तब विकास और संरक्षण के बीच रेखा भी थोड़ी साफ़ दिखती है। घणी देर तक खिंचती योजना के बीच ऐसा आदेश याद दिलाता है कि जयपुर को सिर्फ़ इमारत नहीं, हरी जगह भी चाहिए।
