जयपुर की डेस्टिनेशन वेडिंग का खर्च कितना?
जयपुर डेस्टिनेशन वेडिंग का आकर्षण सबको दिखता है, पर उसके पीछे का हिसाब तब समझ में आता है जब बजट की तालिका सामने आती है। खर्च सबसे पहले स्थान से बढ़ता है — विरासत संपत्ति, लॉन, बैंक्वेट या होटल, हर जगह दर अलग होती है। उसके बाद मेहमानों की संख्या, कमरे, खाना, परिवहन और सजावट का हिसाब जुड़ता चला जाता है। घणी बार लोग केवल मंडप देखते हैं, पर असली पैसा ठहरने और आतिथ्य में चला जाता है। एक स्थानीय योजनाकार का सीधा सा सूत्र यही है: पहले मेहमानों की संख्या तय करो, फिर तारीख और स्थान। छोटी अतिथि सूची हो तो बजट भी संभलता है; मेहमान बढ़ें तो खर्च तेज़ी से चढ़ जाता है। जयपुर में शादी का मज़ा तभी है जब योजना भी उतनी ही समझदार हो।
