जयपुर की जाली: गर्मी का भी रंग
जयपुर की छत पर जाली का काम बस सुंदर दिखने के लिए नहीं होता। दिन के बीच जब धूप सीधी गिरती है, नमूने वाली जाली रोशनी को काटकर अंदर एक हल्की छाँव बना देती है। इससे गर्मी कम लगती है और हवा भी रुक-रुक कर आती है। पुराने घरों में यह जाली सिर्फ बनावट नहीं, रोज का जुगाड़ थी। छत पर बैठे लोगों को ठंडी चाय, कपड़े सुखाने की जगह, और पड़ोस की हल्की आवाज़ के बीच थोड़ा सा सुकून मिलता था। म्हारे जयपुर में यह चीज बड़े शहर की भागदौड़ में भी अपना रंग नहीं खोती। सच्ची, छत की जाली का कमाल यही है: वह धूप को रोकती भी है और शाम को और खूबसूरत भी बना देती है।
