जयपुर की लोखंडी बाल्टी अब भी क्यों टिकी है
पुराने जयपुर के बाजार में कुछ चीजें देखने में सीधी, पर काम में पक्की होती हैं। लोखंडी बाल्टी उनमें से एक है। छोटी दुकानों वाले, घर की औरतें, और पुराने मकानों के लोग इसे पानी, कपड़े धोने और रोज के जुगाड़ के लिए अब भी रखते हैं। प्लास्टिक की बाल्टी सस्ती मिल जाती है, पर लोहे की बाल्टी टूटती कम है और धक्का भी झेल लेती है। म्हारे यहाँ के पुराने इलाकों में, खासकर छत और आँगन वाले घरों में, ऐसी बाल्टी को “काम की चीज” माना जाता है। हाँ, घणी भारी होती है, पर भाईसाब, इसी भार में उसकी आदत और भरोसा छुपा है। जयपुर की तेज धूप में भी यह बाल्टी बस खड़ी रहती है — बिलकुल पुराने बाजार की तरह।
