जयपुर में Gen Z से कांग्रेस की बात, और सवाल भी
जयपुर में कांग्रेस नेताओं और Gen Z के बीच हुई बातचीत का scene normal political meeting जैसा बिल्कुल नहीं लगा। यहाँ बात भाषण से कम, और सीधे सवाल-जवाब से ज़्यादा चल रही थी। नौजवानों ने कहा कि उन्हें सिर्फ बड़े promises नहीं, बल्कि ऐसी politics चाहिए जो उनके रोज़ के life से जुड़ी हो — college, first job, rent, travel और digital दुनिया की tension तक। महफ़िल में बार-बार एक ही बात घूमी: party को youth को सिर्फ भीड़ नहीं, partner समझना पड़ेगा। किसी ने reels वाली politics पर छोटा सा ताना मारा, किसी ने कहा कि ground पर सुनवाई ज़्यादा ज़रूरी है। इस बातचीत का असली असर इसी में था कि जवाब ready lines जैसे नहीं लगे। जयपुर की हवा में वह familiar feeling थी — शहर बदल रहा है, और political भाषा को भी उसके साथ बदलना पड़ेगा। घणी सच्ची बात, Gen Z को सुनना अब optional नहीं रहा।
