जयपुर में हर दिन 9 हादसे, 3 ज़िंदगियाँ जा रही हैं
जयपुर में सड़क सुरक्षा का मसला अब बस जाम या समय की बर्बादी का नहीं रहा, यह सीधे घरों की साँस से जुड़ गया है। रिपोर्ट के हिसाब से शहर में रोज़ाना लगभग 9 हादसे हो रहे हैं और उनमें 3 लोग अपनी जान गँवा रहे हैं। सड़कों पर दो-पहिया वाहनों की भीड़, तेज़ रफ़्तार, सिग्नल तोड़ने की आदत और हेलमेट-सीट बेल्ट को हल्का लेना, सब मिलकर जोखिम बढ़ा रहे हैं। एक यातायात कर्मी की तरह सोचो — एक पल की देरी, और पूरा दिन बदल जाता है। इस हिसाब में सबसे चुभने वाली बात यह है कि हादसे कोई एक कोने तक सीमित नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की चलती ज़िंदगी का हिस्सा बन गए हैं। घणी सच्ची बात, सड़क अब सबके लिए ध्यान माँग रही है।
