Jaipur Live
← Feed
जयपुर बोलेJaipur Bole

जयपुर पोल के घर अंदर क्यों खुलते हैं

Jaipur pol ke ghar andar kyon khulte hain

जयपुर की पोल में घर सड़क की तरफ़ बहुत सीधे दिखते हैं, पर अंदर जाते ही आँगन, छोटी छत और कमरे एक-दूसरे से जुड़े नज़र आते हैं। यह अंदरमुखी बनावट कोई फैशन नहीं, जीने का तरीका है। बाहर की धूल, गर्मी और शोर कम मिले — इसलिए दीवार बाहर की तरफ़ मज़बूत, और खुलापन अंदर की तरफ़। पुराने जयपुर में परिवार एक साथ रहता था, इसलिए आँगन सिर्फ़ रोशनी का नहीं, बात और काम का भी ठिकाना था। चूल्हा, कपड़े, बच्चों की दौड़ और मेहमान — सब इसी घेरे में। मारवाड़ी घरों में परदा, सुकून और ठंडक, तीनों का अपना हिसाब होता है। पोल के ये घर आज भी याद दिलाते हैं: जयपुर का असली जीवन सड़क पर नहीं, घर के अंदर साँस लेता है।

Jaipur pol ke ghar andar kyon khulte hain · Jaipur Live