जननी एक्सप्रेस पर अब और सख्ती, वक्त पर पहुँचना ज़रूरी
राजस्थान में 104 जननी एक्सप्रेस को लेकर अब ध्यान सिर्फ गाड़ी चलाने पर नहीं, बल्कि हर कॉल को सही समय पर पकड़ने पर है। सचिवालय में हुई समीक्षा में यही बात सामने आई कि प्रसव के समय या जोखिम वाली गर्भावस्था में जरा-सी देरी भी बड़ा फर्क कर सकती है। इसलिए कॉल केंद्र से लेकर एम्बुलेंस भेजने तक पूरी कड़ी को और मज़बूत करने की बात हुई। बैठक में क्षेत्रीय रिपोर्टों के आधार पर हर एम्बुलेंस के उपयोग की निगरानी करने, स्थानीय स्तर पर समन्वय सुधारने और मासिक रिपोर्टों को कॉल अभिलेखों से जोड़ने पर जोर दिया गया। राजस्थान में इस सेवा के तहत 600 एम्बुलेंस उपलब्ध हैं, और अब तक लाखों लोग इसका लाभ ले चुके हैं। असली बात यह है कि गाड़ियाँ सिर्फ संख्या नहीं होतीं — सही समय पर पहुँची एक सवारी कभी-कभी माँ और बच्चे दोनों के लिए सबसे बड़ी राहत बन जाती है।
