जंतर मंतर पर फिर स्टूडेंट घेराव
जंतर मंतर का मैदान एक बार फिर स्टूडेंट्स की आवाज़ सुनने को तैयार है। 20 जून को होने वाले इस प्रोटेस्ट में एग्ज़ाम इर्रेग्युलैरिटीज़, पेपर लीक और रिक्रूटमेंट डिले जैसे मसले फिर से उठने वाले हैं। जो बच्चे और जॉब एस्पिरेंट्स महीनों से तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह सिर्फ एक रैली नहीं, बल्कि अपनी मेहनत बचाने की कोशिश है。 पिछले प्रोटेस्ट्स के बाद भी जब हालात में खास बदलाव नहीं दिखा, तो गुस्सा और थकान दोनों साथ चलने लगे। एक स्टूडेंट-स्टाइल बात में, पढ़ाई का प्रेशर अलग, और सिस्टम का वेट अलग। इसी लिए इस बार भी भीड़ का सिग्नल सिंपल है — बस प्रॉमिस नहीं, क्लियर एक्शन चाहिए。 दिल्ली के इस कोने से निकली आवाज़ का असर राजस्थान तक भी महसूस होता है, क्योंकि यह मसला एक शहर का नहीं, पूरे यूथ का है। अब सबकी नज़र इस पर है कि 20 जून के बाद कोई नया रास्ता खुलता है या फिर वही पुरानी अधूरी बात रह जाती है।
