Jaipur Live
← Feed

जंतर मंतर: प्रदर्शन से पहले का जयपुर का दिमाग

Jantar Mantar: protest se pehle ka Jaipur ka dimaag

सवाई जय सिंह का जयपुर सिर्फ दीवार और बाजार का शहर नहीं था; उसमें हिसाब, दिशा और समय का भी अपना रंग था। 1727 में नई राजधानी बसाने के बाद उन्होंने जंतर मंतर बनवाया, ताकि सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों की चाल को ज्यादा सही तरीके से देखा जा सके। आज जब लोग इस जगह को फोटो और बैठक के लिए याद करते हैं, तब भी इसकी असली पहचान एक वैज्ञानिक सोच वाली जगह की है। यहाँ खड़े बड़े-बड़े यंत्र देखकर लगता है जैसे पत्थर ने ही समय का काम संभाल लिया हो। जयपुर की सीधी योजना, खुले रास्ते और आकाश से जुड़ी यह जगह एक ही बात याद दिलाती है: शहर बना तो बाजार के लिए, पर सोच बड़ी थी। और सच्ची, उस जमाने में ऐसा करना कमाल ही था।

Jantar Mantar: protest se pehle ka Jaipur ka dimaag · Jaipur Live