जोधपुर हाई कोर्ट की इमारत पर नज़र
जोधपुर हाई कोर्ट की इमारत सिर्फ एक दफ्तर नहीं, शहर की रोज़ की साँस का हिस्सा है। इसलिए उसकी संरचनात्मक पुनर्बहाली और सुरक्षा कार्य पर समीक्षा होना भी एक सीधी, ज़रूरी बात लगती है। सरकारी सचिवालय में हुई बैठक में यही देखा गया कि पुरानी इमारत को मज़बूत कैसे रखा जाए, ताकि काम भी चले और भरोसा भी बना रहे। ऐसी जगह पर मरम्मत का मतलब सिर्फ पलस्तर या रंग-रोगन नहीं होता। दीवार, छत, सीढ़ियाँ और सुरक्षा के छोटे-बड़े बिंदु सब एक साथ देखने पड़ते हैं। जयपुर-जोधपुर जैसे राजस्थान के शहरों में पुरानी सरकारी इमारतों को सँभालना एक लगातार काम है, बस एक बार का नहीं। समीक्षा का मतलब भी यही था: अभी क्या हुआ, क्या बाकी है, और अगला कदम कितनी तैयारी से उठाना है। घणी सच्ची बात है — मज़बूत इमारत ही लंबी सेवा देती है.
