जोहरी बाजार की ज्वेलर्स लेन का जादू
जोहरी बाजार की ज्वेलर्स लेन में कदम रखते ही जयपुर का असली रंग समझ आता है। पतली सी गली, दोनों तरफ सोने-चाँदी की दुकानें, और शीशे के पीछे चमकते सेट — कुंदन, मीनाकारी और पोलकी। सुबह के समय किरणों का आना अलग ही नज़ारा देता है; लगता है जैसे बाज़ार साँस ले रहा हो। यहीं एक पुराना उस्ताद रोज 3 बजे वही एक डिज़ाइन दोबारा बनाता है, क्योंकि उसके हिसाब से हाथ की पकड़ ही पहचान है। गली के कोने पर चाय की खुशबू, और भीतर से आती हल्की छेड़-छाड़ वाली आवाज़, सब मिलकर एक अपनी सी दुनिया बना देते हैं। पधारो जयपुर तो इस लेन को बिना देखे लौटना अधूरा सा लगता है।
