कोटा में फिर गर्भवती महिलाओं की सेहत पर सवाल
कोटा में सिज़ेरियन प्रसव के बाद दो और गर्भवती महिलाओं को किडनी से जुड़ी परेशानी होने की खबर ने अस्पताल के कमरों का माहौल और भारी कर दिया। यह मामला सिर्फ एक वार्ड का नहीं, बल्कि उस पूरी देखभाल का है जो प्रसव के बाद तुरंत मिलनी चाहिए। शहर के लोग अब पूछ रहे हैं कि ऐसे मामले बार-बार क्यों सामने आ रहे हैं, जबकि प्रसव के बाद माँ की निगरानी सबसे ज़रूरी होती है। एक कर्मचारी का सीधा-सा कहना था कि ऐसे समय में एक-एक घंटा मायने रखता है। इसी बीच अस्पताल में परीक्षण, निगरानी और समय पर इलाज पर भी ध्यान और सख्त करने की बात हो रही है। यह सिर्फ चिकित्सकीय खबर नहीं, भरोसे का सवाल है। जब नई माँ घर लौटने की तैयारी कर रही हो, तब उसकी सेहत को लेकर कोई भी छोटी चूक पूरे परिवार को हिला देती है।
