लॉगिन, ओटीपी और दिल्ली हाई कोर्ट का सीधा सवाल
दिल्ली हाई कोर्ट के सामने Blink Fix Pvt. Ltd. और Global India Services के बीच का विवाद एक ऐसी डेली-डाइजेस्ट वाली कहानी बन गया जहाँ दफ्तर से ज़्यादा पासवर्ड का ड्रामा दिखा। लॉगिन एक्सेस, डिफ़ॉल्ट सेटिंग, ईमेल ओटीपी, WhatsApp ओटीपी और Google यूज़रनेम जैसे बिंदुओं ने पूरी बात को एक साधारण व्यावसायिक मुद्दे से उठाकर डिजिटल नियंत्रण के सवाल तक पहुँचा दिया। मुद्दे की जड़ वही थी — कौन-सा एक्सेस सक्रिय था, कौन-सा बंद हुआ, और ऋण-निपटान का रास्ता कैसे निकलेगा। कोर्ट ने भी इसी व्यावहारिक पक्ष पर ध्यान रखा, क्योंकि आजकल कारोबार में नकद के साथ लॉगिन भी एक संपत्ति बन जाता है। एक पंक्ति में कहें तो, व्यवस्था का छोटा-सा ताला कभी-कभी पूरी डील का ताला बन जाता है। इसी वजह से यह मामला सिर्फ़ एक विवाद नहीं, बल्कि डिजिटल भरोसे की नई कहानी लगता है।
