महारानी गायत्री देवी: स्टाइल और संसद दोनों में चमक
गायत्री देवी को लोग पहले उनकी खूबसूरती और सहज स्टाइल से याद करते हैं। कूच बिहार की राजकुमारी होकर वे जयपुर आईं, और थोड़े ही समय में राजमाता के रूप में उनकी पहचान बन गई। उनकी सादी साड़ी, सीधे बाल और शांत अदा ने उन्हें एक अलग ही जगह दी — जैसे जयपुर की हवा में एक नया रंग घुल गया हो। पर उनका असली तेवर संसद में दिखा। स्वातंत्र्य पार्टी से उन्होंने 1962 का लोकसभा चुनाव जीता और दुनिया भर में रिकॉर्ड बहुत चर्चा में आया, क्योंकि उन्होंने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। 12 साल तक वे राजनीति में सक्रिय रहीं और इंदिरा गांधी सरकार की खुलकर आलोचक बनीं। महरी-महिला की इस कहानी में ग्लैमर के साथ हिम्मत भी थी — घणी सच्ची बात.
