महाराष्ट्र ने 2 गोल्ड जीत लिये, सिस्टम का सीन सेट
महाराष्ट्र को नेशनल ई-गवर्नेंस अवॉर्ड्स में 2 गोल्ड मिलना बस ट्रॉफी का मामला नहीं है, ये एक सिग्नल है कि सरकारी काम अब ज़्यादा डिजिटल, सीधा और लोगों के काम का बन रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फोकस उन जगहों पर भी रहा जहाँ पहले सर्विस पहुँचने में देर होती थी — गाँव और कम-सुनूचे इलाके। इस तरह की पहचान का मतलब होता है कि फ़ाइल का चक्कर कम, लाइन का झंझट कम, और सिटीजन को जवाब जल्दी। एक साधारण सी बात, पर बड़ी बनती है: जब सिस्टम फोन या स्क्रीन पर आसान हो, तब आदमी का आधा टेंशन वैसे ही कम हो जाता है। म्हारे हिसाब से असली बात ये है कि अवॉर्ड से ज़्यादा महत्वपूर्ण उसका असर है। अगर ट्रांसपेरेंसी और सिटीजन-सेंट्रिक काम सच में और जगह फैलता है, तो गवर्नेंस का सीन थोड़ा और सीधा हो जाता है। और भई, ये ही तो आज के डिजिटल राज का असली मापदंड है।
