मोती डूंगरी में सिंजारा की घणी महफिल, 3500 किलो मेहंदी
मोती डूंगरी मंदिर में सिंजारा का दिन इस बार बस एक रस्म नहीं, पूरा रंग-रस भरा आयोजन बन गया। आंगन में 3500 किलो गोरीनख से विनायक जी की पूजा हुई और उसके बाद भक्तों के बीच मेहंदी-प्रसाद बांटा गया। जयपुर में सिंजारा का मतलब ही होता है शादी से पहले घर-घर में खुशी, मेहंदी और थोड़ी-सी मस्ती का आना। यहीं से इस पर्व की असली पहचान बनती है। मंदिर के आसपास लोग कह रहे थे, घणी सुंदर लाग्यो, आज तो पूरा माहौल खिल उठा। इस रंग-बिरंगे माहौल ने एक बार फिर दिखाया कि जयपुर में त्योहार सिर्फ देखे नहीं जाते, जीए जाते हैं — और याद भी रखे जाते हैं।
