एमयूजे में आईआईसी 3.0 का रंग, नवाचार का नया माहौल
मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर में अंतरराष्ट्रीय नवाचार चुनौती IIC 3.0 का उद्घाटन हुआ, और इस बार ध्यान सीधे नई सोच और व्यावहारिक समाधान पर रहा। राजस्थान के कृषि विभाग के साथ मिलकर उठाया गया यह कदम परिसर को केवल शैक्षणिक जगह से आगे ले जाता दिख रहा है। ऐसी चुनौतियों का असली लाभ तब दिखता है जब छात्र, शोधकर्ता और उद्योग जैसी सोच एक ही मेज पर आ जाए। कृषि जैसी क्षेत्र में नवाचार का अर्थ सिर्फ मशीन या ऐप नहीं होता, बल्कि पानी, मिट्टी, फसल और स्थानीय जरूरत को समझकर काम करना होता है। एमयूजे का यह सहयोग इसी दिशा में एक सही संकेत लगता है। परिसर में विचारों का यह रंग अलग ही था — जैसे कक्षा के नोट्स सीधे धरातल से बात करने लगे हों। अब देखना यह है कि IIC 3.0 से कौन से व्यावहारिक विचार निकलते हैं और उनका असर कितनी दूर तक जाता है।
