नाहरगढ़ का सूर्यास्त: जयपुर का सबसे प्यारा तीर
नाहरगढ़ किले पर शाम का समय अलग ही रंग ले आता है। ऊपर पहुँचते ही ठंडी हवा, पत्थर की दीवारें और दूर तक फैला जयपुर एक साथ नज़र आता है। सूर्यास्त बिंदु से हवा महल, शहर की सड़कें और छोटी-छोटी रोशनियाँ धीरे-धीरे चमकने लगती हैं। यहीं बैठकर चाय की चुस्की लो तो समझ आता है कि लोग बार-बार क्यों आते हैं। अरावली की ऊँचाई से शहर का शोर नीचे रह जाता है, और बस रंग, हवा और शांति बचती है। घणी सच्ची बात: यह वह जगह है जहाँ जयपुर को देखना नहीं, महसूस करना होता है। पधारो, और एक बार सूर्यास्त के बाद का बदलता आसमान ज़रूर देखो।
