नाहरगढ़ में 50,000 की घूसखोरी पर ACB की नज़र
नाहरगढ़ अभयारण्य जैसा हरा-भरा इलाका जयपुर की रूह का हिस्सा है। यहाँ सुबह की ठंडी हवा, पेड़ों की छाया और वन्य जीवों की आहट मिलकर एक अलग ही माहौल बनाती है। इसी शांत जगह पर ACB की टीम ने एक वनपाल और एक वनरक्षक को 50,000 रुपये की राशि लेते पकड़ा, और मामला तुरंत चर्चा में आ गया। बात सिर्फ पैसों की नहीं, भरोसे की भी है। जब प्रकृति की देखभाल का जिम्मा संभालने वाले ही नोटों के चक्कर में घिरे दिखें, तो आम लोगों का चैन भी डगमगा जाता है। ACB की इस कार्रवाई ने एक बार फिर याद दिलाया कि कागजी नियम और जमीन पर काम के बीच फासला कितना बड़ा हो सकता है। यहाँ एक साधारण सी बात सबसे भारी पड़ती है: जंगल की रक्षा पैसों से नहीं, ईमानदारी से होती है।
