नीट री-टेस्ट पर 23 लाख घरों की नज़र
जून 21 का नीट-यूजी री-टेस्ट अब कैलेंडर पर पक्का सा टिक बन गया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्टे देने से मना कर दिया, इसलिए तैयारी कर रहे 23 लाख एस्पिरेंट्स के लिए अब सीन और भी सीधा हो गया है: किताब खुली रहेगी, रिवीजन चलता रहेगा, और घर में टेंशन का वॉल्यूम थोड़ा और ऊपर। यह सिर्फ एक एग्ज़ाम डेट नहीं, बल्कि उन सब घरों की रूटीन का टेस्ट है जहां सुबह चाय के साथ फॉर्मूला, दोपहर में मॉक पेपर, और रात को मोबाइल पर रिज़ल्ट-टाइप चिंता चल रही है। कोर्ट के सामने जो फ्रेश प्ली थी, उसमें इंडिपेंडेंट एक्सपर्ट कमेटी की बात भी उठी, मतलब बात सिर्फ पेपर की नहीं, सिस्टम की भी है। जयपुर हो या जोधपुर, कोटा हो या किसी छोटे शहर का कमरा — अब हर टेबल पर एक ही लाइन चल रही है: बस अब इस बार सब साफ-सुथरा हो, ताकि मेहनत का हिसाब ठीक से लगे.
