एनएमसी की रैगिंग पर फिर चिंता: 3 नई शिकायतें
जयपुर, पाली और जोधपुर के मेडिकल कॉलेजों से आई 3 नई शिकायतें एक बार फिर वही पुराना सवाल सामने लाती हैं: परिसर में वरिष्ठ-जूनियर का रिश्ता स्वस्थ है या दबाव वाला। NMC ने इस बार सिर्फ नोट नहीं लिया, बल्कि सुरक्षा उपायों, साक्ष्य संरक्षण और जाँच पर जोर दिया। मतलब बात को फीके कागज पर नहीं, रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया गया है। मेडिकल कॉलेज का माहौल वैसे ही नया होता है — नया छात्रावास, नई दिनचर्या, नया दबाव। ऐसे में रैगिंग का डर पढ़ाई से पहले ही दिमाग पर चढ़ जाता है। NMC का संकेत साफ है: परिसर की इज़्ज़त तभी बचेगी जब छात्र खुलकर बोल सकें और व्यवस्था तुरंत सुन सके। घणी सच्ची बात यह है कि यह सिर्फ शिकायत का मामला नहीं, पूरी शिक्षा-व्यवस्था की कसौटी है।
