पन्ना मीना का कुंड: सीढ़ियाँ, रंग और ठंडक
पन्ना मीना का कुंड आमेर के पास छुपा हुआ वह कोना है जहाँ धूप ज़्यादा टिकती नहीं। सीढ़ियों का पीला-सफेद पैटर्न देखते ही लगता है जैसे किसी ने रंगों से एक सीधा सपना बना दिया हो। नीचे उतरो तो पानी की ठंडक पैरों से ऊपर तक चढ़ जाती है, और आसपास की आवाज़ धीमी पड़ जाती है। यह जगह सिर्फ फ़ोटो के लिए नहीं, रुकने के लिए है। यहाँ एक छोटा-सा कोना है जहाँ लोग बैठकर साँस ठीक करते हैं, और एक स्थानीय देखरेख करने वाले ने बताया था कि बच्चे अक्सर सीढ़ियाँ गिनते-गिनते बीच में ही हँसने लगते हैं। घणी सुकून वाली बात यह है कि जयपुर की भीड़ के बीच भी ऐसा लगता है जैसे शहर ने एक ठंडी-सी याद संभाल रखी हो। पधारो, और खुद देखो.
