पन्ना मीना का कुंड: समरूपता का सुकून
पन्ना मीना का कुंड आमेर के पास वह जगह है जहाँ पैर धीरे हो जाते हैं। नीचे उतरती सीढ़ियाँ एक जैसे पैटर्न में बनी हैं, और धूप-शाम के साथ उनका रंग बदलता रहता है। घणी सुकून वाली जगह है, भाईसाब—न शोर, न जल्दी। बस पत्थर, हवा और एक अजीब सा ठहराव। यहाँ का मज़ा तब आता है जब आप एक कोने पर खड़े होकर देखते हो कि सीढ़ियाँ कैसे आपस में मिलती-बिछड़ती लगती हैं, पर फिर भी बिल्कुल साफ समरूपता बनाती हैं। स्थानीय लोग इसे सिर्फ फोटो वाली जगह नहीं, एक छोटी सी साँस लेने की जगह मानते हैं। थोड़ी देर बैठो, आमेर की हवा महसूस करो, और समझो कि जयपुर की खूबसूरती कभी-कभी बोलती नहीं, बस खड़ी रह जाती है।
