पत्रिका गेट: मेहराबों के बीच जयपुर का रंग
पत्रिका गेट को देखते ही लगता है जैसे जयपुर ने अपनी डायरी का एक पन्ना खोल दिया हो। जवाहर सर्कल के पास यह बड़ा-सा गेट गुलाबी शहर को रंगों की गली में बदल देता है। हर मेहराब पर राजस्थान के अलग-अलग शहर, लोक-कला और झलक। नीचे खड़े हों तो छत की दीवार से लेकर खंभों तक नजर भटकती रहती है। घणी सुंदर बारीकी है, भाईसाहब। सबसे अच्छा समय सुबह या शाम का है, जब रोशनी चित्रकारी पर नरम पड़ती है और रंग ज्यादा गहरे लगते हैं। लोग यहाँ सिर्फ फोटो के लिए नहीं, थोड़ा रुकने के लिए भी आते हैं। पधारो जयपुर का असली मजा तब आता है जब एक गेट सिर्फ प्रवेश न रहे, एक याद बन जाए।
