पत्रिका गेट: रंगों का सबसे फोटोजेनिक ठिकाना
पत्रिका गेट के पास पहुँचते ही पहला काम होता है रुकना। इतनी रंग-बिरंगी चित्रकारी कि नज़र खुद ही धीमी पड़ जाती है। मेहराबों पर राजस्थान के अलग-अलग शहरों की झलक, फूल-पत्ती, और बड़े पैटर्न मिलकर ऐसा दृश्य बनाते हैं जो कैमरे में तुरंत चमक उठता है। सुबह की नरम रोशनी हो तो रंग और भी साफ़ दिखते हैं, और शाम को यह गेट थोड़ा फ़िल्मी लगने लगता है। यहीं एक चायवाला भी दिखता है, जो गेट के आकार को और जीवंत कर देता है। लोग फोटो के लिए कोण ढूँढते रहते हैं, पर उसके हिसाब से सबसे अच्छा फ़्रेम वही है जहाँ इंसान और रंग दोनों साथ आएँ। घणी देर तक खड़े रहने का मन करे, इतनी बारीकी है। सच्ची, पत्रिका गेट सिर्फ़ फोटो वाला ठिकाना नहीं, जयपुर की रंगों वाली पहचान है।
