पेंशन का हिसाब फिर गरम, Rs 3,000 की मांग
सामाजिक सुरक्षा पेंशन का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक दैनिक चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। इस बार ध्यान Rs 3,000 मासिक पेंशन पर है, जिसे बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए मजबूत सहारा बताया जा रहा है। राजस्थान में इस योजना का हिसाब पहले भी बदलता रहा है: Rs 500 से शुरू हुई राशि बढ़कर Rs 750 और फिर Rs 1,000 तक पहुँची। साथ ही 15% वार्षिक वृद्धि का प्रावधान भी जोड़ा गया था, ताकि राशि जमी हुई न रहे। अब जो नया बिंदु उठा है, वह केन्द्र और राज्य के बीच 50:50 हिस्सेदारी का है। सीधी बात यह है: महंगाई बढ़ रही है, और पेंशन का सवाल सिर्फ संख्या का नहीं, बल्कि इज्जत और रोज़मर्रा की साँस का भी है।
