पंजाब नियुक्ति के बाद पायलट की दिल्ली मैराथन
सचिन पायलट की राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात को सिर्फ एक अनौपचारिक भेंट समझना थोड़ा अधूरा होगा। पंजाब नियुक्ति के बाद जो समय बना, उसने 2027 के चुनावी गणित को और सीधा कर दिया। पार्टी के भीतर अब ध्यान सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं, बल्कि अलग-अलग जगह की तैयारी को एक पंक्ति में लाने पर है। जयपुर से निकली यह राजनीतिक गिनती दिखाती है कि अब बात चेहरे से ज़्यादा योजना पर चल रही है। कौन सा इलाका, कौन सा मुद्दा, और कौन सी टीम किस तरह तय होगी — यही असली चर्चा है। ऊपर से, पंजाब वाली ज़िम्मेदारी ने इस मुलाकात को और भी अहम बना दिया। ऐसे मौके पर एक छोटी-सी बात काफी कह देती है: अब नज़र सिर्फ मुलाकात पर नहीं, उसके बाद आने वाले संकेत पर है। 2027 का हिसाब अब धीरे-धीरे पंक्ति में आ रहा है, और पार्टी के लोग भी इसी को देख रहे हैं।
