राजस्थान उच्च न्यायालय को लेकर नया संस्थागत सवाल
राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को लेकर जो चिट्ठियाँ सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँची हैं, उन्होंने एक पुरानी पर अहम बात फिर याद दिला दी: अदालत की साफ व्यवस्था सिर्फ़ फ़ाइल का मामला नहीं होती, भरोसे का भी होता है। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश संदीप मेहता ने अलग-अलग पत्रों में प्रशासनिक अनियमितताओं और वाद-सूचीकरण के तरीक़े पर चिंता जताई है, और उच्च न्यायालय को राजस्थान के बाहर से मुख्य न्यायाधीश देने की बात भी कही है। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने इस पर कहा है कि सभी चिंताओं की उपयुक्त स्तर पर जाँच हो रही है। मतलब, अब नज़र इस पर है कि संस्थागत व्यवस्था किस तरह जवाब देती है। न्यायालय की दीवार के बाहर भी लोग यही देखते हैं कि व्यवस्था कितनी सीधी और कितनी पारदर्शी है — और इसी पर पूरा भरोसा टिका रहता है।
