राजस्थान में बारिश 21% कम, तैयारी पर ज़ोर
राजस्थान में इस बार मानसून का मिजाज थोड़ा टेढ़ा निकला। अब तक राज्य में 21.16 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज हुई है, और इसी संख्या ने सरकारी और ज़मीनी दोनों स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी है। खेती, पानी और चारा — इन तीनों चीज़ों की चिंता ऐसे समय में पहले से करनी पड़ती है, वरना सितंबर के बाद हर दिन और भारी लगने लगता है। इसी पृष्ठभूमि में सूखे की पहले से तैयारी पर ज़ोर दिया जा रहा है। मतलब सीधी बात: रिपोर्ट आने का इंतज़ार मत करो, पहले से आपूर्ति, भंडारण और स्थानीय प्रतिक्रिया का हिसाब बैठा लो। गांव के लोग भी यही कहते मिलते हैं — पानी का मामला कैलेंडर से नहीं, बारिश के मिजाज से चलता है। इसलिए अब ध्यान सिर्फ कमी के आंकड़े पर नहीं, उसके बाद वाली व्यवस्था पर है। घणी देर से उठाया गया कदम अक्सर महंगा पड़ता है, और राजस्थान जैसे राज्य में यह बात सबसे पहले खेत में दिखती है।
