राजस्थान से निकलकर fertility care का नया दौर
जयपुर से निकली एक बहुपीढ़ी चिकित्सा विरासत अब एक बड़े fertility care platform का रूप ले रही है। कंपनी का ध्यान partnership-led मॉडल पर है, जिसमें अलग-अलग राज्यों में केंद्रों को जोड़ा जा रहा है, ताकि assisted reproductive care को अधिक सुलभ बनाया जा सके। राजस्थान के साथ पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी इसका विस्तार हो रहा है, और लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 तक 25 केंद्रों का है। यह केवल संख्याओं का खेल नहीं है; भारत का assisted reproductive technology market 2030 तक 1.96 billion US dollar के आसपास पहुँचने का अनुमान भी इस दिशा को और मज़बूत बनाता है। जयपुर के लिए यह ऐसी कहानी है जिसमें चिकित्सा विरासत, आधुनिक देखभाल और विस्तार — तीनों साथ चल रहे हैं। और सच्ची बात यह है: शहर को ऐसी ही विकास कहानियाँ पसंद आती हैं, जो क्लिनिक की दीवार से निकलकर पूरे क्षेत्र तक पहुँच जाएँ।
