रामबाग पैलेस: जयपुर का शाही मेहमान
रामबाग पैलेस को देखते ही समझ आता है कि जयपुर की शान सिर्फ दीवारों में नहीं, आदत में भी है। पहले यह राजमहल था, अब मेहमानों के लिए एक ऐसा होटल जहाँ संगमरमर के फर्श पर पाँव भी धीरे रखते हैं। लंबी गलियाँ, खुले लॉन, चाँदनी में चमकती झरोखे जैसी खिड़कियाँ — सब कुछ बिलकुल राजसी लगता है। यहाँ चाय की प्याली भी थोड़ी और धीरे पी जाती है, और रात के खाने के बाद हवा में गुलाब और हरी घास की खुशबू रह जाती है। घणी शांति है, पर उबाऊ नहीं। जो लोग जयपुर को सिर्फ बाजार और किले से जानते हैं, उनके लिए रामबाग एक अलग ही रंग है। सच्ची बात, यह जगह दिखाती है कि पुरानी शान को कैसे आज की सुकून भरी जिंदगी में बदला जा सकता है।
