रैम्बाग पैलेस: महल से होटल तक का जादू
रैम्बाग पैलेस को देखकर पहली नज़र में ही समझ आ जाता है कि यह सिर्फ होटल नहीं, जयपुर की शाही याद का जिंदा हिसाब है। पहले यह महाराजा का महल था, अब मेहमान यहाँ संगमरमर के फर्श, झरोखों और चौड़े बरामदे के बीच ठहरते हैं। सुबह के समय लॉन पर चाय की खुशबू और पक्षियों की आवाज़ मिलकर माहौल को धीरे-धीरे राजसी बना देते हैं। अंदर के कमरों में पुराने ज़माने की ऊँचाई, नक्काशीदार स्तंभ और चमकीली लकड़ी का अलग ही आकर्षण है। घणी, यहाँ हर कोना फोटो से पहले एहसास देता है। 16 एकड़ के बाग़ में चलना अपने आप में एक धीमी सैर है, जैसे जयपुर ने थोड़ा सा समय रोक लिया हो। म्हारे जयपुर में ऐसे महल कम बचे हैं जो आज भी इतनी शान से जी रहे हैं। समझे?
