आरसीए चुनाव में नेताओं के बेटों की एंट्री, मैदान गरम
राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनाव में इस बार मामला सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा। कुछ प्रमुख राजनीतिक परिवारों के बेटे मैदान में उतर आए हैं, और इससे मुकाबले का रंग और तेज़ हो गया है। जयपुर से लेकर ज़िला स्तर तक, आरसीए की कुर्सी पर नज़र रखने वाले लोग अब हर गणना को अलग नज़र से देख रहे हैं। क्रिकेट के मैदान में वैसे भी नेटवर्क, प्रभाव और स्थानीय समर्थन का अपना रोल होता है। अब जब राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले नए चेहरे सामने आए हैं, तो लोग कह रहे हैं कि यह चुनाव सिर्फ समिति का मामला नहीं, बल्कि प्रभाव और पहचान की भी परीक्षा बन गया है। घणी सच्ची बात यही है कि आरसीए की सीट पर बैठना हमेशा से ही सीधा मैच नहीं रहा। अब सबकी नज़र इस बात पर है कि आगे का माथा-पच्ची किस दिशा में जाता है। क्या क्रिकेट वालों की पसंद भारी पड़ेगी, या राजनीतिक विरासत का असर दिखेगा?
