आरजीएचएस पर्ची पर डॉक्टर की स्व-प्रमाणीकरण अब जरूरी
जयपुर में आरजीएचएस के तहत अब पर्ची पर संबंधित डॉक्टर का स्व-प्रमाणीकरण जरूरी कर दिया गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि परामर्श और दवा लिखने की प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे, और हर पर्ची की जवाबदेही साफ दिखाई दे। सीधी बात यह है कि जो कागज पहले सामान्य लगता था, अब उस पर थोड़ी और जिम्मेदारी जुड़ गई है। शहर के चिकित्सालयों और अस्पतालों में इससे एक नया अनुशासन आएगा, क्योंकि आरजीएचएस जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य योजना में छोटी-सी पर्ची भी बड़ा महत्व रखती है। लोग भी समझेंगे कि व्यवस्था का भरोसा सिर्फ सुविधा से नहीं, लिखने वाले की पुष्टि से बनता है। जयपुर की रोज़ की स्वास्थ्य-यात्रा में यह एक और छोटा, पर महत्वपूर्ण, मोड़ है.
