रीको का नया प्लान: ड्रोन से होगा भूखंडों का हिसाब
औद्योगिक क्षेत्र में अब नाप-जोख का काम भी उच्च-तकनीक वाला होने जा रहा है। रीको ड्रोन आधारित सर्वेक्षण के जरिए पहले चरण में लगभग 50 वर्ग किलोमीटर का आँकड़ा जुटाएगा। इसमें भूखंड, भवन, सड़क, बिजली की लाइन और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली जाएगी, ताकि जगह-जगह की असल स्थिति एक ही व्यवस्था में दिख सके। सर्वे के बाद हर भूखंड की अलग डिजिटल साक्ष्य-शीट बनेगी। इसमें उसकी पहचान संख्या, सीमा, निर्माण की स्थिति और भूमि-उपयोग का विवरण साफ दर्ज होगा। फिर इन आँकड़ों के आधार पर 2D डिजिटल मानचित्र और 3D मॉडल भी तैयार होंगे। सच्ची बात यह है कि औद्योगिक क्षेत्र का नियोजन तभी ठीक बनता है जब अभिलेख भी ठीक हो। GIS से जुड़ी यह जानकारी प्रबंधन को तेज और स्पष्ट निर्णय लेने में मदद करेगी — और पुराने कागजी हिसाब को थोड़ी राहत भी मिलेगी।
