एसआईआर पर फिर से बहस, कांग्रेस दौर की गिनती भी
जयपुर में एसआईआर को लेकर सियासी गर्मी फिर बढ़ गई है। भाजपा की तरफ से कहा गया कि मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया कोई नई चीज नहीं है, और ऐसी प्रक्रिया पहले भी कांग्रेस के दौर में 10 बार हो चुकी है। इसलिए, उनके मुताबिक, इसे लोकतंत्र पर खतरा बताना ठीक नहीं। बात यहीं रुकती नहीं। विपक्ष के विरोध पर पलटवार करते हुए यह भी कहा गया कि असली मुद्दा सूची को साफ और सही रखना है, न कि हर सुधार को संकट बनाना। 13 करोड़ नाम हटने की बात पर भी उन्होंने ब्योरा दिया और कहा कि मृत, स्थानांतरित या एक से अधिक जगह पंजीकृत लोगों की पहचान केवल सत्यापन के लिए हुई है, स्वतः हटाना नहीं। यही वह बिंदु है जहाँ राजनीतिक बहस सीधे सूची से निकलकर भरोसे पर आ जाती है — और जयपुर की चाय की दुकान से लेकर पार्टी कार्यालय तक, सब इसी पर बात कर रहे हैं।
