एसएमएस अस्पताल में किशोर की मौत, पर सवाल अब भी ज़िंदा
एसएमएस अस्पताल में मध्य प्रदेश के एक किशोर की मौत के बाद मामला सिर्फ इलाज का नहीं, भरोसे का भी बन गया है। परिवार का कहना है कि लड़के के साथ पुलिस ने सख्ती की, जबकि मुहाना पक्ष ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि एफआईआर में पहले से अज्ञात हमलावरों का ज़िक्र था। यानी एक ही घटना को दो अलग नज़रियों से देखा जा रहा है। जयपुर में ऐसे मामले लोगों को इसलिए चुभते हैं क्योंकि अस्पताल की दीवार के भीतर दर्द होता है, और बाहर सवाल। जाँच की माँग इसी लिए उठी है — कि कौन सी बात सच है, कौन सी अधूरी, और रिकॉर्ड में क्या लिखा गया। घणी सच्ची बात यह है कि जब एक जवान जान चली जाए, तो सिर्फ़ पोस्टमार्टम नहीं, पूरी प्रक्रिया की सफ़ाई भी माँगी जाती है। अब नज़र इस पर है कि जवाब कितनी सफ़ाई से आते हैं।
