SUFA मामला: आरोपों पर हाई कोर्ट की मोहर
राजस्थान हाई कोर्ट ने SUFA आतंकवादी मॉड्यूल मामले में निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें आरोप तय किए गए थे। मतलब, अब मामला उस चरण से आगे बढ़ेगा जहाँ अदालत साक्ष्य और दलीलों को विस्तार से देखती है। यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि आरोप तय होना अपने आप में एक कानूनी सीमा-रेखा होती है — इससे मामले की दिशा तय होती है, लेकिन अंतिम नतीजा नहीं। जयपुर में इस पर जो चर्चा है, वह भी इसी बात पर टिक गई है कि अदालत ने फिलहाल आरोपों को विचारण के लिए पर्याप्त माना है। सच्ची बात यह है: अब ध्यान फ़ाइल से निकलकर अगली सुनवाई पर आ गया है।
