तिरुवनंतपुरम: मिडिल-क्लास के लिए स्मार्ट सिटी
तिरुवनंतपुरम को देख कर एक बात साफ लगती है — हर बड़ी सिटी महँगी ही हो, ऐसा ज़रूरी नहीं। यहाँ किराया कई दूसरी टियर-2 सिटीज़ के मुकाबले काफी संभल के रहता है, इसलिए मंथली बजट पर ज़्यादा ज़ोर नहीं पड़ता। फैमिली हो या वर्किंग कपल, पैसा बचाने का मतलब यहाँ कॉम्प्रोमाइज़ नहीं, बस स्मार्ट चॉइस लगता है। इसके साथ आईटी सेक्टर भी धीरे-धीरे मज़बूत हो रहा है। ऑफिस, सर्विस जॉब्स, और नए इंफ्रा के चलते सिटी का काम-धंधा और डेली लाइफ दोनों बैलेंस में दिखते हैं। एक लोकल सा फील भी है — ट्रैफिक और भीड़ मेट्रो-सिटी जैसी भारी नहीं, और बेसिक फैसिलिटीज़ का एक्सेस काफी प्रैक्टिकल है। यही वजह है कि लोग बोलते हैं, यहाँ रहना मतलब सिर्फ एड्रेस लेना नहीं, एक मैनेजेबल रूटीन लेना है। घणी सीधी बात: मिडिल-क्लास फैमिली को जो चाहिए — खर्चा, काम, और सुकून — वह तीनों का मिक्स यहाँ मिल जाता है.
