विंडफॉल टैक्स बढ़ा, पेट्रोल-डीजल पर नज़र
पेट्रोल-डीजल की बात आते ही सबसे पहले पंप का रेट बोर्ड याद आता है, और आज भी वही नज़र टिकती है। सरकार ने निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के बदलते दामों के साथ व्यवस्था को थोड़ा लचीला रखा जा सके। पखवाड़ेवार समीक्षा का मतलब भी यही है — हर दो हफ्ते में हिसाब दोबारा। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, चेन्नई, नोएडा और लखनऊ जैसे शहरों में रेट अलग-अलग रहते हैं, क्योंकि परिवहन, कर और स्थानीय कारणों का अपना रोल होता है। मतलब सीधी बात: कर बदला है, पर खुदरा कीमत तुरंत हिल भी सकती है और नहीं भी। पंप पर खड़े लोग बस इतना ही देखते हैं — अगला नंबर हल्का होगा या और साफ चुभ जाएगा।
