योग से सुबह, TOPS से ओलंपिक का सपना और मजबूत
राजस्थान में फिटनेस और खेल, दोनों को एक ही बात में जोड़ने की कोशिश हुई। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि योग को सिर्फ एक दिन की गतिविधि न समझो, बल्कि उसे रोज़ की आदत बनाओ। यह बात सीधे स्कूल, कॉलेज और मैदान-स्तर की तैयारी पर असर डालती दिखती है, क्योंकि दिनचर्या ही सहनशक्ति और एकाग्रता की बुनियाद होती है। साथ ही ओलंपिक्स के लिए TOPS समर्थन की बात आई, जो चुनिंदा खिलाड़ियों की प्रशिक्षण-व्यवस्था और तैयारी को और मज़बूत बनाता है। जयपुर जैसे शहरों में, जहाँ सुबह पार्क में टहलने वाले और मैदान में खेलने वाले दोनों दिखते हैं, वहाँ ऐसी बात सीधे लोगों के काम की लगती है। एक कोच वाली बात याद आती है — हुनर तो होता है, पर व्यवस्था साथ दे तो खेल बदलता है। अब देखना यह है कि इस पहल का मैदान पर कितना असर दिखता है।
