Jaipur Live
← Feed
आज की जयपुरAaj Ki Jaipur

बापू बाजार की शाम, आख़िरी दाम का खेल

Bapu Bazaar ki shaam, last bargain ka khel

सूरज ढलते ही बापू बाजार का रंग बदल जाता है। दिन भर की गर्मी के बाद सड़क पर चलने वालों की रफ्तार धीमी हो जाती है, पर नज़र तेज़ हो जाती है — कौन सी चूड़ी ज़्यादा चमक रही है, कौन सी जूती थोड़ी नरम लग रही है। दुकानदार शेल्फ से दूसरी शेल्फ तक हाथ चलाता है, और खरीदने वाला सीधा कहता है, घणी महँगी है, कुछ तो कम करो। यही शाम का खेल है: पहले देखना, फिर टोकना, और फिर अनजाने में कुछ और भी ले लेना। एक कोने में रंग-बिरंगी चूड़ियों का ढेर, दूसरे में मोजरियों की लाइन, और बीच में वह आख़िरी बात जो बाजार को ज़िंदा रखती है — आख़िरी दाम। जयपुर की इस आदत में थोड़ी नखरा, थोड़ी समझ, और थोड़ी पधारो वाली गरमाहट सब मिल जाती है।