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लोक फाइल्सLok Files

मोलेला की मिट्टी, दीवार पर कहानी

Molela ki mitti, deewar par kahani

मोलेला, राजसमंद के पास, मिट्टी को सीधे कथा बना देता है। यहाँ के कुम्हार लाल चिकनी मिट्टी से उभरी हुई पट्टिकाएँ गढ़ते हैं, जिनमें गाँव के देवता, सवारी, पेड़ और छोटे जीव तक उभर आते हैं। ये पट्टिकाएँ देवस्थानों की दीवार पर लगती हैं, ताकि भक्त अपनी आस्था को रूप में देख सकें। काम में पहले मिट्टी की पर्त तैयार होती है, फिर उँगलियों और छोटे औज़ारों से चेहरे, हाथ और जीव-जंतु उकेरे जाते हैं। सूखने के बाद भी रंग में सादगी रहती है। म्हारे राजस्थान में यह कला बस बाज़ार की चीज़ नहीं; यह गाँव की याद, देवता की पहचान और घर की सेवा का हिस्सा है। सच्ची बात, एक पट्टिका में पूरा लोक-जीवन बोल उठता है.