लेहरिया: जयपुर की गर्मी का रंग
लेहरिया की पतली तिरछी धारियाँ जयपुर की गर्मी में भी ठंडक जैसी लगती हैं। केसरिया और रसभरी रंग जब दुपट्टे पर बहते हैं, तो कपड़ा सीधा गीत बन जाता है। सांगानेर के कारीगर इस पर कौन-सा नया नमूना उठा रहे हैं, वह खुद बाज़ार में बाद में पता चलता है।













