पांच बत्ती से एमआई रोड तक, शाम की रोशनी
शाम होते ही पांच बत्ती से एमआई रोड का रास्ता अलग ही रंग पकड़ लेता है। गर्मी ढीली पड़ती है, पर दुकानों की पीली बत्ती और पुराने साइनबोर्ड की चमक और तेज़ लगने लगती है। किसी कोने पर कपड़े लटके हैं, कहीं घड़ियों की चमक, और कहीं मिठाई की खुशबू हवा में तैरती है। इस हिस्से में जयपुर का पुराना बाज़ार वाला दिल अब भी धड़कता है। लोग बस खरीदने नहीं, देखने भी रुकते हैं। म्हारे जयपुर में कहावत है, रोशनी भी तब ही सुंदर लगती है जब उसके साथ याद भी जुड़ी हो। यहीं इसी मोड़ पर एक छोटी चाय की दुकान के बाहर रोज़ 7 बजे तक भीड़ जमती है — और वही इस शाम की असली पहचान है।
