पन्ना मीना कुंड पर रॉयल पोज़ का मुकाबला
पन्ना मीना का कुंड देखने गया तो पहले लगा कि यह बस एक कुंड है, पर सीढ़ियों की समानता पूरा दृश्य ही बदल देती है। ऊपर से नीचे तक एक ही लय, और पैरों की आहट भी ऐसी कि लगता है बावड़ी ताल दे रही हो। जयपुर वाले फोटो के लिए रुकते हैं, पर म्हारे एक दोस्त ने तो हर सीढ़ी को अपना सिंहासन मान लिया। कभी हाथ कमर पर, कभी ठोड़ी थोड़ी ऊपर — राजसी पोज़ का पूरा कार्यक्रम। घणी बार उसका एक पोज़ इतना जम गया कि समूह की बाकी फोटो उसके आगे छोटी पड़ गई। पधारो की सादगी में भी इतनी शैली, बस जयपुर ही दे सकता है।
