सुबह की जयपुर: घण्टी, चाय और जागती गलियां
सुबह का जयपुर पहले घण्टी से जागता है, फिर चाय की खुशबू से। पुरानी बस्ती की गलियों में मंदिर का सुर, सब्ज़ी वाले की ठेली की खड़क, और कुल्हड़ में उबलती चाय—सब मिलकर एक सीधा-सा दृश्य बना देते हैं। हवा महल के आसपास या बड़ी चौपड़ की तरफ, लोग जल्दी में भी थोड़ा रुककर साँस लेते हैं। म्हारे यहाँ सुबह सिर्फ दिन की शुरुआत नहीं, एक आदत है। और वह खाली टोकरी? चायवाले ने बताया कि आज दूध देर से आया था, इसलिए पहली खेप की चाय कम पड़ी। बस इतनी सी बात, पर सुबह का मिज़ाज पूरा बदल दिया.
